तुम हाथों में मेहंदी से नाम लिखवाते हो मेरा
और मैने दिल की धड़कनों में तुम्हें उतार हुआ है
ये फूल कलियाँ तिल्ली भौंरे तुम बिन सब फीके हैं
इनके होने का सबब हम अब तुम से ही तो सीखे हैं
कदर कर लो यारा उस की
जो तुम से बेशुमार मुहब्बत करता हो

क्या पता किसी रोज
कहने और सुनने के लिये वो सामने ही ना हो

और फ़िर तुम ढूढ़ो उस को
बस उस का अक्स ही तुम्हें यादों में मिले
मगर वो नही.........🚶‍♂️
तू समंदर की लहरों संग खेलना
मैं किनारे पे बैठ सीप बटोरा करूँगा

उस सीप में छुपा नायब मोती तुम्हारा होगा
मैं ठंडी रेत में तेरा नाम लिखा करूँगा
मेरी सांसों को तेरी सांसों की मिल जाती लय
तुझे भी मेरी तरह बिछड़ने की हो जाती भय
पड़ा रहता सिलाओं की तरह तेरी राह में
तू जो इक बार आने का वादा कर जाती तय
कभी यूँ भी हो
इन दरख्तों से पत्ते
गिरने से पहले तू आये
और देखे, कितनी 
तकलीफ़ होती हैं
इन्हे जब ये अपने
ही डाल से टूट
जाते हैं 🍁
जो तू रोयेगी तेरी आँखों में
उभर आऊँगा
जो तू हसेगी तेरे होठों में
ठहर जाऊँगा
देखना तू कितनी शिद्दत है
मेरी चाहत
इक पल मे सौ बार जियुँगा
सौ बार मर जाऊँगा
रुला कर हमे वो मुश्करा देते हैं
और हम इतने बुध्धु 
उनकी मुस्कान के लिये आँशू बहा देते हैं
अब बस इतनी सी चाहत है मेरी

बन के काला धागा तेरे पावँ से बँध जाऊँ